रेलवे कर्मचारी की संदिग्ध मौत से हड़कंप: मां बोली- बहू ने जहर पिलाया, पत्नी ने ससुराल को घेरा
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद के शमशाबाद नगर में एक रेलवे कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक की मां ने बहू पर “शराब छुड़ाने की दवा” के नाम पर जहर पिलाने का आरोप लगाया है, वहीं पत्नी ने पलटवार करते हुए ससुराल पक्ष पर साजिश रचने का दावा किया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मृतक की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो गैंग संख्या-34 के अंतर्गत एसएससीपी फतेहगढ़ के अधीन रेलवे में कार्यरत थे। उनका मूल घर शमशाबाद नगर के अकबरपुर दामोदर शास्त्री नगर वार्ड नंबर-4 में है। परिवार में उनकी मां सुखदेवी, तीन भाई, एक बहन, पत्नी खुशबू और दो बेटियां हैं।
परिजनों के अनुसार सुनील और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। पहले दोनों कायमगंज रेलवे क्वार्टर में रहते थे और बाद में फतेहगढ़ क्वार्टर में रहने लगे। मां का कहना है कि वैवाहिक तनाव के चलते पहले भी दो बार मुकदमे दर्ज हो चुके थे।
सुखदेवी का आरोप है कि कुछ दिन पहले ड्यूटी से लौटने के बाद फतेहगढ़ क्वार्टर में पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हुआ। आरोप है कि पत्नी ने शराब छुड़ाने की दवा बताकर सुनील को कोई जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिसे उन्होंने दवा समझकर पी लिया।
परिवार के मुताबिक जब सुनील शमशाबाद घर लौट रहे थे, रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों को कथित रूप से बताया कि पत्नी ने उन्हें जहर पिला दिया है। इसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शमशाबाद ले जाया गया, लेकिन वहां से रेफर कर दिया गया। बाद में फर्रुखाबाद के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार शाम करीब 6 बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी खुशबू ने ससुराल पक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पति की मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि परिवार के लोगों की साजिश का परिणाम है और उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मौत की सूचना मिलते ही पत्नी ने थाने में फोन किया, जिसके बाद थाना अध्यक्ष रमेश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शव की सुपुर्दगी को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। परिजनों ने पहले शव लेने से इंकार कर दिया और घाट पर रख दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना पर पुलिस अधिकारी दोबारा मौके पर पहुंचे, समझाइश देकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कराई और अंततः अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग भी थाने पहुंचे और हंगामा हुआ।
मृतक की मां ने मंडल रेल प्रबंधक को पत्र भेजकर न्याय की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विष परीक्षण (विसरा रिपोर्ट) आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
फर्रुखाबाद की यह घटना पारिवारिक विवाद, आपसी आरोप-प्रत्यारोप और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का जटिल मामला बन गई है। जांच रिपोर्ट आने तक यह तय नहीं हो सकेगा कि यह जहर देकर हत्या का मामला है, आत्महत्या है या किसी अन्य कारण से हुई मृत्यु। फिलहाल पूरे मोहल्ले और मृतक के परिजनों की नजर पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हुई है।






