
संवाद 24 आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री। (त्रिवेणी पंचांग, महावीर पंचांग, हरीद्वार पंचांग एवं सिद्धान्ती परंपरा के आधार पर संकलित) गृह प्रवेश केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वास्तु, ग्रहबल, तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का सम्मिलित संस्कार है। शास्त्रों में कहा गया है –
“शुभे मुहूर्ते कृतो वासः सुखसमृद्धि प्रदायकः”
अर्थात् शुभ समय में किया गया गृह प्रवेश स्थायी सुख, शांति और समृद्धि देता है। इसी सिद्धांत के अनुसार विभिन्न प्रामाणिक पंचांगों से प्राप्त तिथियों को नीचे क्रमबद्ध किया गया है।
2026 की क्रमबद्ध गृह प्रवेश तिथियाँ।
फरवरी
- 11 फरवरी
अप्रैल
- 15 अप्रैल
- 29 अप्रैल
मई
- 08 मई
- 13 मई
- 14 मई
जून
- 24 जून
- 26 जून
- 27 जून
- 28 जून
अगस्त
- 09 अगस्त
- 12 अगस्त
- 17 अगस्त
- 19 अगस्त
- 24 अगस्त
- 28 अगस्त
नवम्बर
- 02 नवम्बर
- 03 नवम्बर
- 04 नवम्बर
- 14 नवम्बर
- 20 नवम्बर
- 21 नवम्बर
- 25 नवम्बर
- 26 नवम्बर
अत्यंत आवश्यक ज्योतिषीय निर्देश
केवल इन तिथियों पर ही बिना विचार गृह प्रवेश न करें।
निम्न विचार अनिवार्यतः देखें –
चन्द्रबल
शुभ लग्न
भद्रा त्याग
राहुकाल त्याग
पंचक दोष
गुरु/शुक्र अस्त
परिवार की कुंडली अनुसार अनुकूलता
योग्य ज्योतिषी के निर्देश से ही अंतिम मुहूर्त निश्चित करें। सही मुहूर्त में गृह प्रवेश से लक्ष्मी स्थिरता,रोग-कलह नाश,वास्तु दोष शमन,दीर्घकालिक सुख-समृद्धि प्रदान करता है।







