राजधानी में दहशत का साया: दिल्ली के 9 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, क्या यह किसी बड़ी साजिश की आहट है?

संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर अज्ञात खौफ के साये में है। आज सुबह दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में स्थित 9 नामचीन स्कूलों को बम से उड़ाने की ईमेल और कॉल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इस खबर ने न केवल पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए, बल्कि हजारों अभिभावकों की सांसें भी अटका दीं। आनन-फानन में स्कूलों को खाली कराया गया और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई।

सुबह का वह खौफनाक मोड़
हमेशा की तरह आज भी दिल्ली के स्कूलों में कक्षाएं सामान्य रूप से चल रही थीं। तभी अचानक कुछ स्कूलों के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि स्कूल परिसर के भीतर विस्फोटक रखे गए हैं और कुछ ही समय में धमाका होने वाला है। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैली और कुल 9 स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिलीं। जैसे ही प्रबंधन को इसकी सूचना मिली, तुरंत ‘इमरजेंसी प्रोटोकॉल’ लागू कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के बम निरोधक दस्ते (BDDS), डॉग स्क्वायड और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं। हजारों बच्चों को कक्षाओं से बाहर निकालकर सुरक्षित मैदानों में ले जाया गया।

अभिभावकों में मची अफरा-तफरी
धमकी की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर फ्लैश हुई, स्कूलों के बाहर अभिभावकों का हुजूम उमड़ पड़ा। रोते-बिलखते माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जाने के लिए बदहवास नजर आए। साकेत, द्वारका और आर.के. पुरम जैसे इलाकों में स्कूलों के बाहर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

जांच में क्या निकला?
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, घंटों तक चले सघन तलाशी अभियान (Sanitization Drive) के बाद अब तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस का प्राथमिक निष्कर्ष यह है कि ये सभी ‘होक्स कॉल’ (अफवाह) थे, जिनका मकसद केवल दहशत फैलाना और व्यवस्था को बाधित करना था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं।

विदेशी सर्वर और साइबर साजिश का शक
शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि ये धमकी भरे ईमेल किसी विदेशी सर्वर के जरिए भेजे गए हैं, ताकि भेजने वाले की पहचान छुपाई जा सके। साइबर सेल की टीमें आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक करने में जुटी हैं। सूत्रों का कहना है कि यह किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह की शरारत हो सकती है जो भारत के आंतरिक माहौल को बिगाड़ना चाहता है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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