अप्रैल से बदलेगा झकरकटी बस अड्डे का चेहरा 143 करोड़ से बनेगा हाईटेक टर्मिनल, मेट्रो से भी होगा कनेक्ट
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संवाद 24 संवाददाता। शहर के सबसे व्यस्त झकरकटी बस अड्डे के पुनर्निर्माण का इंतजार अब खत्म होने वाला है। करीब ढाई साल से अटकी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य अप्रैल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। प्रवेश द्वार से जुड़ी बाधा दूर होने के बाद अब हाईटेक बस टर्मिनल का रास्ता साफ हो गया है।
पीपीपी मॉडल के तहत 143 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आधुनिक बस अड्डे का निर्माण कार्य ठेकेदार कंपनी सीगल करेगी। कंपनी अधिकारियों के अनुसार, पहले प्रवेश द्वार पर जगह की कमी थी, लेकिन अब पर्याप्त स्थान उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे बसों की आवाजाही सुगम होगी। नक्शा तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे जमा कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
दो साल सिग्नेचर सिटी से होगा संचालन
पुनर्निर्माण कार्य के दौरान लगभग दो वर्षों तक बस अड्डे का संचालन सिग्नेचर सिटी से किया जाएगा, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। पहले रामादेवी से गोल चौराहा तक बन रहे एलिवेटेड रोड के रैंप के कारण परियोजना में देरी हो रही थी, लेकिन अब इस समस्या का समाधान कर लिया गया है।
यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
नए झकरकटी बस अड्डे को हाईटेक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां यात्रियों के लिए
आधुनिक वेटिंग रूम
फूड जोन
मॉल, मल्टीप्लेक्स
होटल और रेस्टोरेंट
जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बस अड्डे पर 16 प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जहां से एसी और नॉन-एसी दोनों तरह की बसें संचालित होंगी। बसों के आगमन-प्रस्थान का समय और प्लेटफॉर्म नंबर बड़ी डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जाएगा।
मेट्रो से जुड़ाव, बढ़ेगी कनेक्टिविटी
बस अड्डे को सीधे मेट्रो स्टेशन से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को शहर के भीतर आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। कुल 55,183 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में से 45 प्रतिशत हिस्सा व्यावसायिक उपयोग के लिए आरक्षित रहेगा। नया टर्मिनल प्रतिदिन 1000 से 1100 बसों के संचालन की क्षमता रखेगा और बांदा, चित्रकूट, लखनऊ, दिल्ली, प्रयागराज सहित कई प्रमुख शहरों को जोड़ने का काम करेगा।
झकरकटी बस अड्डे का यह कायाकल्प न सिर्फ कानपुर की यातायात व्यवस्था को नई मजबूती देगा, बल्कि शहर को आधुनिक शहरी पहचान भी दिलाएगा।






