उत्तर भारत में कुदरत का ‘कॉकटेल’: 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
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संवाद 24 नई दिल्ली। साल 2026 का दूसरा महीना शुरू होते ही उत्तर भारत के मौसम ने ऐसे तेवर दिखाए हैं कि वैज्ञानिक भी हैरान हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज, 2 फरवरी 2026 को एक आपातकालीन बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर भारत के सात राज्यों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के मिलन ने एक ऐसा चक्रवात बनाया है, जिससे दिल्ली-NCR समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में भारी तबाही की आशंका है।
पहाड़ों पर बर्फ का तांडव, मैदानों में पानी की मार
हिमालयी क्षेत्रों—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में पिछले 24 घंटों से भारी हिमपात जारी है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और कश्मीर के गुलमर्ग में बर्फ की चादर 3 फीट तक पहुंच गई है। पहाड़ों की यह बर्फबारी मैदानी इलाकों के लिए आफत बनकर आई है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों से टकराकर आ रही बर्फीली हवाओं ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के तापमान में अचानक 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान: ओलावृष्टि की चेतावनी
संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों जैसे मेरठ, बागपत, और गाजियाबाद में आज सुबह से ही मध्यम से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के भीतर लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज में तेज हवाओं के साथ ओले गिर सकते हैं। राजस्थान के जयपुर और भरतपुर संभाग में भी बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। यह स्थिति किसानों के लिए बेहद चिंताजनक है, क्योंकि सरसों और गेहूं की फसलें इस समय तैयार हो रही हैं और ओले उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर सकते हैं।
यातायात और जनजीवन अस्त-व्यस्त
खराब मौसम का सबसे बुरा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दृश्यता (Visibility) घटकर 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिसके कारण 20 से अधिक उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा है। वहीं, उत्तर रेलवे की लगभग 15 ट्रेनें 4 से 8 घंटे की देरी से चल रही हैं। कोहरे और बारिश के कारण सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर चलने वाले ड्राइवरों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?
IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार, “2026 का यह पश्चिमी विक्षोभ पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक शक्तिशाली है। अरब सागर से उठने वाली नमी ने इसे और अधिक सक्रिय कर दिया है। अगले 48 घंटों तक दिल्ली-NCR में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी, जिससे प्रदूषण के स्तर (AQI) में तो सुधार होगा, लेकिन ठिठुरन बढ़ जाएगी।”
आम जनता के लिए सुझाव
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली की गर्जना के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बदला हुआ मौसम सेहत संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने भी सावधानी बरतने की अपील की है।






