टूटा मुंबई का अजेय किला, गुजरात जायंट्स ने रचा इतिहास, हरमनप्रीत की तूफानी पारी भी नहीं दिला सकी जीत
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संवाद 24 डेस्क। महिला प्रीमियर लीग 2026 का यह मुकाबला रोमांच, दबाव और रिकॉर्ड्स से भरपूर रहा। गुजरात जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए इस मैच में दर्शकों को आखिरी गेंद तक सांस रोक देने वाला खेल देखने को मिला। अंत में गुजरात जायंट्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को 11 रन से शिकस्त देकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।
इतिहास बदला, पहली बार हारी मुंबई
यह मुकाबला इसलिए भी खास बन गया क्योंकि गुजरात जायंट्स ने पहली बार मुंबई इंडियंस को हराया। अब तक हर भिड़ंत में मुंबई का पलड़ा भारी रहता था, लेकिन इस बार गुजरात ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए जीत की नई कहानी लिख दी। इस जीत के साथ गुजरात ने साफ कर दिया कि WPL 2026 में वह किसी से कम नहीं है।
टॉस का दांव और गुजरात की चालाकी
टॉस जीतने के बाद गुजरात जायंट्स ने पहले बल्लेबाज़ी का फैसला लिया। यह फैसला शुरुआत में जोखिम भरा लग रहा था, लेकिन बाद में यही रणनीति उनकी जीत की सबसे बड़ी वजह बनी। बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने की आज़ादी मिली और स्कोरबोर्ड लगातार चलता रहा।
गार्डनर–वेयरहम की धमाकेदार साझेदारी
गुजरात की ओर से कप्तान एशली गार्डनर ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए तेज़ रन बटोरे। उनके साथ जॉर्जिया वेयरहम ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने गुजरात को बड़े स्कोर की नींव दे दी और मुंबई के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया।
गुजरात का मजबूत स्कोर
20 ओवर में गुजरात जायंट्स ने चार विकेट खोकर 160 से ज्यादा रन बना डाले। यह स्कोर WPL जैसे बड़े मुकाबले में काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। आखिरी ओवरों में तेजी से बने रन ने मैच का रुख पूरी तरह गुजरात की ओर मोड़ दिया।
मुंबई की खराब शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती ओवरों में ही टीम ने अहम विकेट गंवा दिए, जिससे रन चेज़ मुश्किल हो गया। टॉप ऑर्डर के जल्दी पवेलियन लौटने से पूरा दबाव मिडिल ऑर्डर पर आ गया।
हरमनप्रीत कौर का अकेला संघर्ष
मुश्किल हालात में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने शानदार स्ट्रोक्स खेले और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। चौकों-छक्कों से सजी उनकी विस्फोटक पारी ने मैच को आखिरी ओवर तक जिंदा रखा, लेकिन दूसरे छोर से सहयोग न मिलने के कारण उनकी मेहनत रंग नहीं ला सकी।
आखिरी ओवर का जबरदस्त तनाव
अंतिम ओवर में मुंबई को जीत के लिए नामुमकिन से दिखने वाले रन चाहिए थे। गुजरात की गेंदबाज़ी सटीक रही और फील्डिंग में भी कोई चूक नहीं हुई। दबाव में मुंबई के बल्लेबाज़ बड़े शॉट नहीं लगा सके और मुकाबला गुजरात की पकड़ में आ गया।
गुजरात की गेंदबाज़ी बनी जीत की चाबी
गुजरात जायंट्स की गेंदबाज़ों ने पूरे मैच में अनुशासन बनाए रखा। सही लाइन-लेंथ, धीमी गेंदें और समझदारी भरी रणनीति ने मुंबई के बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। यही वजह रही कि बड़े नामों के बावजूद मुंबई लक्ष्य से पीछे रह गई।
प्लेऑफ की दहलीज़ पर गुजरात
इस जीत के साथ गुजरात जायंट्स ने न सिर्फ आत्मविश्वास हासिल किया, बल्कि प्लेऑफ की दौड़ में खुद को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। टीम का मनोबल अब सातवें आसमान पर है और आगे के मुकाबलों में वह और भी खतरनाक नजर आ सकती है।
मुंबई के लिए खतरे की घंटी
मुंबई इंडियंस के लिए यह हार चेतावनी की तरह है। टूर्नामेंट के अहम मोड़ पर इस हार ने उनकी रणनीति और संयोजन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर आगे बढ़ना है तो टीम को अपनी कमजोरियों पर तेजी से काम करना होगा।
WPL 2026 और भी रोमांचक
इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि WPL 2026 में कोई भी टीम छोटी नहीं है। हर मैच नया मोड़ ले रहा है और हर जीत-हार प्लेऑफ की तस्वीर बदल रही है। आने वाले मुकाबलों में और भी बड़े धमाके देखने को मिल सकते हैं।






