महाराष्ट्र में विमान दुर्घटना: बारामती में डिप्टी सीएम अजीत पवार का विमान क्रैश, भारी राजनीतिक और प्रशासनिक सदमा
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संवाद 24 डेस्क। महाराष्ट्र के बारामती (पुणे ज़िला) में सुबह सवेरे 28 जनवरी 2026 को एक गंभीर विमान दुर्घटना हुई, जिसमें राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजीत पवार का विमान क्रैश-लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना तब हुई जब विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, जिससे बड़ा हादसा सामने आया और इलाके में हड़कंप मच गया।
सरकारी सूत्रों और प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों की रिपोर्टों के अनुसार, अजीत पवार विमान में सवार थे और यह दुर्घटना सुबह करीब 09:00 बजे बारामती एयरपोर्ट के पास हुई। दुर्घटना में विमान लैंडिंग स्ट्रिप पर उतरते समय नियंत्रण खो बैठा और मौके पर ही आग लग गई, जिससे धुआँ और मलबा चारों ओर फैल गया।
प्रारंभिक जानकारी में यह भी बताया गया कि विमान में पवार के अलावा अन्य लोग भी सवार थे जिसमें सुरक्षा अधिकारी और विमान क्रू शामिल थे। दुर्घटना के तुरंत बाद राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया तथा घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
हालाँकि शुरुआती रिपोर्टों में थोड़ी असमंजस की स्थिति रही कुछ समाचारों में बताया गया कि पवार गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल में इलाज चल रहा है वहीं प्रमुख भारत-आधारित समाचार एजेंसियों की जानकारी के अनुसार अजीत पवार का निधन भी बताया जा रहा है। इस असमर्थित जानकारी के तहत दुर्घटना में तीन से पांच अन्य लोगों के भी हताहत होने की बात सामने आई है।
इस दुर्घटना स्थल से प्रकाशित कई वीडियो और तस्वीरों में विमान क्रैश साइट पर धुएँ के गुबार और फैलता मलबा साफ देखा जा सकता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि लैंडिंग के समय विमान को गंभीर तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अजीत पवार का राजनीतिक परिचय अजीत अनांत्रेय पवार (22 जुलाई 1959 – 28 जनवरी 2026) महाराष्ट्र के वरिष्ठ राजनेता थे और वे राज्य के उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ NCP के शीर्ष नेताओं में से एक थे। समय-समय पर उन्होंने विभिन्न गठबंधनों के तहत छह बार इस पद पर कार्य किया।
घटना की व्यापक समीक्षा और प्रभाव इस विमान दुर्घटना ने न केवल बारामती, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में गहरा शोक और चिंता की लहर फैला दी है। पवार एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति थे और उनके आकस्मिक निधन या गंभीर हादसे की ख़बर से शासकीय कामकाज और ज़िला परिषद चुनाव के कार्यक्रमों पर प्रभाव पड़ा है। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA) और स्थानीय प्रशासन ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।






