महिला दरोगा की लूट का आरोपी मुठभेड़ में घायल, पैर में लगी गोली
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में रिटायर्ड महिला दरोगा के साथ हुई लूट की वारदात का पुलिस ने एक और अहम खुलासा करते हुए रविवार भोर बड़ी सफलता हासिल की है। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बारा सिरोही नहर पुल के पास हुई मुठभेड़ में शातिर लुटेरा धनराज उर्फ विजय पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगी है, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया।
घायल लुटेरे को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया है। पुलिस ने उसके पास से एक देशी तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है।
दरअसल, आठ जनवरी को रावतपुर के केशवपुरम इलाके में सीबीसीआईडी से रिटायर्ड महिला दरोगा मंजूलता दुबे के साथ घर के बाहर चेन लूट की घटना हुई थी। लुटेरे वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने खुलासे के लिए सात टीमों का गठन किया था और जिले से बाहर तक सघन छानबीन की जा रही थी।
पुलिस ने सर्विलांस और टावर लोकेशन की मदद से सुराग जुटाए। इस दौरान दर्जनों होटल-लॉज खंगाले गए, करीब एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई और 100 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई।
इस मामले में बीते बुधवार देर रात रावतपुर के दलहन रोड पर मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी नियाज अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि उसके दो साथी फरार हो गए थे।
रविवार सुबह कल्याणपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम इलाके में सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया गया, तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में धनराज उर्फ विजय के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी भागने में सफल रहा।
पकड़े गए आरोपी की पहचान शामली जिले के झिंझाना निवासी धनराज उर्फ विजय के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने रिटायर्ड महिला दरोगा के साथ लूट की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है और घायल लुटेरे से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर लिया जाएगा।






