कानपुर में पुलिस पर गंभीर आरोप, दो दरोगा व चार सिपाहियों पर जांच के आदेश
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संवाद 24 संवाददाता। शहर में नशीले पदार्थों की बिक्री, अपराधियों से कथित सांठगांठ और जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार के आरोपों को लेकर पुलिस महकमा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भाजपा सांसद रमेश अवस्थी और पार्टी पदाधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर दो दरोगा और चार सिपाहियों के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने सभी आरोपों की जांच के निर्देश दिए हैं।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी न केवल अपराधियों पर कार्रवाई करने से बचते हैं, बल्कि पार्टी पदाधिकारियों के फोन तक नहीं उठाते। बैठक में यह भी कहा गया कि जानबूझकर जनप्रतिनिधियों का अपमान किया जा रहा है और अवैध गतिविधियों पर आंखें मूंद ली गई हैं।
नशे का अवैध कारोबार बना बड़ी चिंता
भाजपा पदाधिकारियों ने बताया कि शहर के कई इलाकों बर्रा, गुजैनी, नौबस्ता, दामोदरनगर, बसंत विहार और कल्याणपुर—में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। महिलाओं द्वारा नशा बेचे जाने, हुक्काबार के संचालन और रातभर खुलने वाली दुकानों पर मादक पदार्थों की बिक्री की शिकायतें भी सामने आईं।
इसके अलावा गोगो सिगरेट, डायल्यूटर जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों की बिक्री, बिना लाइसेंस शराब की दुकानें और छोटे होटलों में नशे का धंधा चलने की बातें बैठक में प्रमुखता से उठाई गईं।
अतिक्रमण, जाम और अवैध स्टैंड पर भी सवाल
नौबस्ता चौराहा, गुरुदेव चौराहा और जागेश्वर मंडी समेत कई स्थानों पर अवैध स्टैंड और जाम की समस्या को लेकर भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे। भाजपा नेताओं ने कहा कि मौरंग लदी गाड़ियों, ई-रिक्शा और ऑटो के अवैध संचालन से आम जनता परेशान है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देश
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने संबंधित थानेदारों और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ शालीन व्यवहार किया जाए। हर माह भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करने के निर्देश भी दिए गए।
साथ ही अवैध नशे, अतिक्रमण, अवैध स्टैंड और खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को लेकर विशेष अभियान चलाने की बात कही गई। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ डीसीपी स्तर से रिपोर्ट ली जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
जनहित से जुड़ा मामला
यह मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था और युवाओं को नशे से बचाने से जुड़ा गंभीर विषय है। अब देखना होगा कि जांच के बाद पुलिस प्रशासन कितनी पारदर्शिता और सख्ती दिखाता है।






