सफेद चादर में लिपटी पहाड़ियाँ: शिमला-मनाली में भारी बर्फबारी और बारिश ने थामी रफ्तार
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संवाद 24 हिमाचल। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपनी जादुई छटा बिखेरी है। लंबे इंतजार के बाद राजधानी शिमला और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली में इस सीजन की पहली बर्फबारी ने दस्तक दी है। जहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर को देखकर पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं दूसरी ओर कुदरत के इस उग्र रूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। आंधी-तूफान, भारी हिमपात और मूसलाधार बारिश के मेल ने प्रदेश के कई हिस्सों में मुश्किलों का अंबार लगा दिया है।
शिमला और मनाली में चांदी जैसा नजारा
गुरुवार रात से ही मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने पूरी घाटी को अपनी चपेट में ले लिया। शिमला के रिज मैदान से लेकर मनाली के माल रोड तक, हर तरफ सिर्फ बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। नारकंडा, कुफरी और सोलंग वैली में भारी हिमपात की खबरें हैं। पर्यटकों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। सैलानी बड़ी संख्या में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए शिंकुला और अटल टनल की ओर रुख कर रहे हैं। पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी इस बर्फबारी को देखकर चमक उठे हैं, क्योंकि इससे आने वाले दिनों में पर्यटन उद्योग को भारी उछाल मिलने की उम्मीद है।
कांगड़ा और चंबा में आफत की बारिश
पहाड़ों पर जहां बर्फबारी हो रही है, वहीं निचले इलाकों जैसे कांगड़ा और चंबा में मूसलाधार बारिश ने परेशानी खड़ी कर दी है। चंबा के कई दूरदराज के इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। अंधेरे में डूबे गांवों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। प्रशासन की टीमें बिजली बहाल करने की कोशिशों में जुटी हैं, लेकिन खराब मौसम काम में लगातार बाधा डाल रहा है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। लाहौल-स्पीति, चंबा और कुल्लू जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और भारी हिमपात को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर और सोलन में आंधी, ओलावृष्टि और बारिश का ‘येलो अलर्ट’ है। 26 और 27 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी हिमपात और वर्षा की प्रबल संभावना जताई गई है।
तापमान में भारी गिरावट और शीतलहर
बर्फबारी के साथ ही पूरे प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। राज्य के करीब 20 प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। हालांकि, दिन के समय कुछ स्थानों पर धूप खिलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन रात होते ही बर्फीली हवाओं ने हड्डियां कंपा देने वाली ठंड का एहसास कराया है।
प्रशासन की अपील
बढ़ते हिमपात और फिसलन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंची चोटियों और फिसलन भरी सड़कों पर जाने से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से फोर-बाई-फोर वाहनों को ही ऊंचे इलाकों में जाने की अनुमति दी जा रही है। हिमाचल के इस बदलते मौसम ने जहां एक तरफ खेती और पर्यटन के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली और सड़क संपर्क टूटने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में मौसम का यह मिजाज क्या नया मोड़ लेता है।






