फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप: पीड़ित प्राध्यापक ने की उच्चस्तरीय जांच की मां
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संवाद 24 संवाददाता। लक्ष्मी यदुनंदन महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रेम स्वरूप अवस्थी ने जमीन और मकान से जुड़े एक गंभीर विवाद में मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मुहल्ला काजम खां निवासी एक कथित अधिवक्ता और उसकी पत्नी पर विश्वास में लेकर मकान के मूल कागजात हड़पने, जान से मारने की धमकी देने और फर्जी मुकदमों में फंसाने जैसे आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि यह पूरा मामला उनकी संपत्ति और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा है, जिस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।
सेवानिवृत्त प्राध्यापक के अनुसार, 4 जनवरी को उन्होंने आईजीआरएस के माध्यम से संबंधित कथित अधिवक्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 7 जनवरी को प्रभारी निरीक्षक के बुलावे पर वह अपने पुत्र के साथ कोतवाली पहुंचे, लेकिन वहां उनकी शिकायत को गंभीरता से सुनने के बजाय दूसरे पक्ष को तरजीह दी गई। आरोप है कि शिकायतकर्ता होने के बावजूद उन्हें ही दोषी ठहराने का प्रयास किया गया।
प्रेम स्वरूप अवस्थी का यह भी कहना है कि कथित अधिवक्ता ने उनकी लाइसेंसी बंदूक अपने कब्जे में ले ली थी, जिसे बाद में कोतवाली में वापस कराया गया। हालांकि, उनके मकान पर लगाए गए ताले अब तक नहीं खुलवाए गए हैं। इससे उन्हें आशंका है कि मकान के मूल कागजातों के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति बेचने की साजिश रची जा सकती है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि कथित अधिवक्ता और उसकी पत्नी द्वारा उनके खिलाफ लगातार झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। 10 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर उनके, उनकी पत्नी और बड़े बेटे के खिलाफ जान से मारने और रुपये हड़पने के आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि उनका दावा है कि इस पूरे मामले में वह स्वयं पीड़ित हैं।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में सेवानिवृत्त प्राध्यापक ने मांग की है कि कथित अधिवक्ता और उसकी पत्नी के खिलाफ उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए। साथ ही उनके परिवार, मकान और सम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उनसे कथित रूप से लिया गया धन भी वापस दिलाया जाए। पीड़ित का कहना है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो उनके जीवन और संपत्ति पर गंभीर संकट बना रहेगा।






