उमर्दा ब्लॉक में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना का भुगतान रुका, गौपालकों ने CDO को सौंपा प्रार्थना पत्र
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संवाद 24 कन्नौज। उमर्दा ब्लॉक में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के भुगतान में अनिश्चितकाल के लिए रुकावट के चलते स्थानीय गौपालकों में गहरा रोष फैल गया है। ब्लॉक के अनेक पशुपालक और हितग्राही आज मुख्य विकास अधिकारी (CDO), कन्नौज को आभार सहित प्रार्थना पत्र सौंपकर भुगतान की पुनःनिष्पादन की मांग की है।
गौपालकों का कहना है कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत उन्हें पशुधन पालन और गो-सम्बन्धी सहायता के लिए जो अनुदान/भुगतान प्राप्त होना था, वह कई सप्ताह से अटका हुआ है। इस देरी के कारण गौपालकों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं तथा पशुओं की देखभाल में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रार्थना पत्र में किसान प्रतिनिधियों ने लिखा है कि योजनाओं का समय पर भुगतान न होने से उनका आर्थिक संतुलन बिगड़ रहा है, जबकि वर्तमान मौसम और चारा खर्च में वृद्धि के कारण पशुओं का पालन कठिन हो गया है। उन्होंने ब्लॉक प्रशासन से अपील की है कि बकाया भुगतान को जल्द से जल्द जारी किया जाए ताकि प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और पशुपालन में रुकावट न आए।
स्थानीय गौपालक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बकाया राशि का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे आंदोलन और उग्र प्रदर्शन तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने ब्लॉक प्रशासन से आश्वासन लेने की भी मांग की है कि आगे ऐसे भुगतान में विलंब नहीं होने पाए।
ब्लॉक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भुगतान में यह देरी तकनीकी औपचारिकताओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण हुई है, जिसे शीघ्र सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक स्पष्ट तिथि नहीं दी है कि किस समय तक बकाया राशि का निपटान होगा।
इस विवाद ने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की क्रियान्वयन प्रक्रिया और पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी योजनाएँ गरीब और सीमांत किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, और समय पर मिलने वाला भुगतान उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिये आवश्यक होता है।
अब देखना यह होगा कि उमर्दा ब्लॉक प्रशासन इस मांग पर क्या ठोस कदम उठाता है और बकाया राशि के भुगतान को बंद पड़े हुए मामलों से मुक्त कराता है।






