पालिका प्रतिनिधि से बातचीत रंग लाई: रेलवे रोड निर्माण पर व्यापारियों की सहमति
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संवाद 24 संवाददाता। रेलवे रोड के निर्माण को लेकर व्यापारियों द्वारा चलाया जा रहा धरना सोमवार देर शाम समाप्त हो गया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि से हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी, जिसके चलते करीब 20 मिनट की बातचीत के बाद व्यापारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया।
रेलवे रोड को लेकर व्यापारियों की प्रमुख मांग थी कि सड़क की चौड़ाई 7 मीटर के बजाय 10 मीटर की जाए और ‘मॉडल रोड’ की परिभाषा स्पष्ट की जाए। इन मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में व्यापारी धरने पर बैठे थे। व्यापारियों का कहना था कि पूर्व में अतिक्रमण हटाने के दौरान ‘मॉडल रोड’ बनाए जाने का आश्वासन दिया गया था।
गौरतलब है कि करीब तीन साल पहले रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था, जिसमें कई दुकानों और मकानों को तोड़ा गया था। उस समय इस मार्ग को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित करने की बात सामने आई थी। हालांकि, अब जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो प्रस्तावित चौड़ाई को लेकर असंतोष उभर आया।
सोमवार देर शाम नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज अग्रवाल धरना स्थल पर पहुंचे और व्यापारियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन स्तर से रेलवे रोड के लिए 7 मीटर चौड़ी सड़क को ही स्वीकृति मिली है। इस संबंध में उन्होंने व्यापारियों को स्वीकृत पत्र भी दिखाए, जिससे स्थिति स्पष्ट हुई।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि ने यह भी बताया कि 7 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण के बाद फुटपाथ का भी प्रावधान किया जाएगा, ताकि पैदल चलने वालों को सुविधा मिल सके। ‘मॉडल रोड’ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नगर पालिका की ओर से कभी औपचारिक रूप से ऐसी घोषणा नहीं की गई थी।
उल्लेखनीय है कि यह सड़क शहर के चौक से लेकर रेलवे स्टेशन तक बनाई जानी है, जो यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। तीन साल पहले अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू होने से शहरवासियों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






