हिस्ट्रीशीटर की दबंगई जेल जाने से पहले युवक को दी जान से मारने की धमकी, इलाके में दहशत
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संवाद 24 संवाददाता । शाहगंज थाना क्षेत्र में आपराधिक दुस्साहस का एक और मामला सामने आया है। इंद्रा नगर में दो भाइयों को गोली मारने के आरोपी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बीपी उर्फ विनय प्रताप ने जेल जाने से पहले मोहल्ले के ही एक युवक को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने फोन पर धमकाते हुए कहा कि जेल से छूटने के बाद “देख लूंगा तुझे।” इस घटना के बाद पीड़ित का परिवार भय और दहशत के माहौल में जीने को मजबूर है।
शाहगंज की इंद्रा कॉलोनी निवासी रिटायर्ड दारोगा सुरेंद्र सिंह के बेटे राघवेंद्र और भतीजे सन्नी उर्फ तरुण को रविवार रात मारपीट के दौरान तमंचे से गोली मार दी गई थी। इस मामले में सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर मोहल्ला निवासी हिस्ट्रीशीटर बीपी उर्फ विनय प्रताप समेत शारिक, अनस, प्रिंस, अमित ठाकुर, राजू और विकास के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बीपी, आरिफ और अनस पहले से ही हिस्ट्रीशीटर हैं। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अमित के घर दबिश देकर एक एक्टिवा स्कूटर और बाइक को कब्जे में लिया था। इसी कार्रवाई के बाद बीपी को शक हुआ कि इंद्रा नगर निवासी सन्नी मल्होत्रा ने पुलिस को सूचना दी है, जिसके चलते वह उससे रंजिश मानने लगा।
पीड़ित सन्नी मल्होत्रा ने शाहगंज थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि 13 जनवरी की दोपहर बीपी ने फोन कर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी ने जेल जाने से पहले खुलेआम डराने की कोशिश की। सन्नी ने कॉल रिकॉर्डिंग और चैटिंग के सबूत भी पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस ने इस मामले में बीपी उर्फ विनय प्रताप और सन्नी ठाकुर के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इधर, दो भाइयों को गोली मारने के मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों नवाजिश निवासी सोरो कटरा शाहगंज और दानिश को गिरफ्तार कर लिया है। नवाजिश को शाहगंज पुलिस ने कोठी मीना बाजार के सामने से गिरफ्तार किया, जबकि दानिश को जगदीशपुरा थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान तमंचे के साथ पकड़ा। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर बीपी उर्फ विनय प्रताप को शाहगंज पुलिस तलाशती रही, लेकिन वह हाथ नहीं आया। बाद में पता चला कि वह एक पुराने मामले में अदालत में पेश हुआ, जहां उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट के चलते उसे जेल भेज दिया गया। इस जानकारी के बाद शाहगंज पुलिस की काफी किरकिरी हुई और इंस्पेक्टर को उच्चाधिकारियों की फटकार भी झेलनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार बीपी के खिलाफ वर्ष 2016 में एत्मादपुर थाने में लूट का मुकदमा दर्ज है और वह जमानत पर बाहर चल रहा था। अब शाहगंज पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है।
इंस्पेक्टर शाहगंज विरेश पाल गिरी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है।






