दिल्ली के IGI हवाईअड्डे पर रनवे बंदी: यात्रियों को तैयार रहने की चेतावनी, उड़ानों में देरी का खतरा!

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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाईअड्डे पर आगामी महीनों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे यात्रियों सहित देश-विदेश की उड़ान सेवाओं पर सीधा असर पड़ सकता है। अधिकारियों ने बताया है कि हवाई अड्डे के प्रमुख रनवे 11R/29L को फरवरी मध्य से लगभग चार महीने के लिए बंद किया जाएगा, ताकि उसे अधिक उन्नत और सुरक्षित तरीके से सुधार तथा अपग्रेड किया जा सके। यह रनवे, जो सालों से दिल्ली के व्यस्ततम हवाई मार्गों में से एक रहा है, को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए यह सुधार कार्य जरूरी है। उनको अपग्रेड करने का मकसद यही है कि भविष्य में रात, कोहरा और खराब मौसम जैसे परिदृश्यों में भी विमान सुचारू रूप से उतर और टेकऑफ कर सकें। हालांकि, इस दौरान हवाई सेवाओं पर देरी और शेड्यूल में बदलाव की संभावना स्पष्ट रूप से बनी हुई है।

IGI हवाईअड्डा, जो प्रति दिन सैकड़ों उड़ानों को संभालता है और लाखों यात्रियों का ट्रैफिक नियंत्रित करता है, वह देश का सबसे व्यस्त हवाई मार्ग है। यहां चार रनवे हैं और इन सभी का उपयोग विमान परिचालन के विविध उद्देश्यों के लिए किया जाता है — टेकऑफ, लैंडिंग और वायु यातायात संतुलन के लिए। हालांकि, जब एक रनवे को बंद किया जाता है, तो बाकी रनवे पर यातायात बढ़ जाता है, जिसका असर यात्राओं के समय पर पड़ सकता है।

यात्रियों को क्या बदलाव देखने को मिल सकता है?
शेड्यूल में बदलाव — कई उड़ानें अपने निर्धारित समय से पहले या बाद में हो सकती हैं, और कुछ को रीरूट या रद्द किया जा सकता है। देरी का जोखिम — विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में, जब यातायात अधिक होता है, उड़ानों में देरी की संभावना बढ़ जाती है। जटिलताएँ — दिल्ली ने पहले भी रनवे बंद होने पर देरी और जटिलताओं का अनुभव किया है, जब रनवे 10/28 को सुधार के लिए बंद किया गया था और हवा की दिशा के कारण समस्या और गंभीर हुई थी।

अधिकारियों ने कहा है कि इस अपग्रेडेशन की योजना को अच्छे से प्रबंधित करने के लिए पहले से विस्तृत चर्चा और तैयारियाँ की जा रही हैं, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा झेलनी पड़े। इसकी तैयारी के तहत विमानों और एयरलाइंस के प्रदर्शन तथा उड़ान कार्यक्रमों पर भी नजर रखी जाएगी।

क्या इससे लंबी अवधि में फायदा होगा?
जब सुधार कार्य पूरा हो जाएगा, तो रनवे पर उन्नत Instrument Landing System (ILS) और अन्य सुरक्षा सुविधाएँ लगाई जाएँगी। इससे विशेष रूप से कोहरे और खराब मौसम में उड़ानों की लैंडिंग और टेकऑफ क्षमता बेहतर होगी। इससे IGI हवाईअड्डे की समग्र क्षमता और उड़ान स्थिरता में सुधार की संभावना है।

हालाँकि यात्रियों को तुरंत असर महसूस होने वाला है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में यह कदम बेहतर संचालन और उच्च मानकों वाले विमान परिचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी उड़ान स्थिति नियमित रूप से एयरलाइन से चेक करें, खबरों और एयरपोर्ट अपडेट पर नजर रखें, और यदि संभव हो तो अतिरिक्त समय पहले से प्लान करें — ताकि किसी भी देरी या परिवर्तन के समय खुद को तैयार रख सकें।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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