सीके नायडू ट्रॉफी: क्वार्टर फाइनल के इरादे से मैदान में उतरी यूपी अंडर-23 टीम, ग्रीनपार्क और कमला क्लब में जमकर बहाया पसीना
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संवाद 24 संवाददाता। बीसीसीआई की प्रतिष्ठित घरेलू प्रतियोगिता कर्नल सीके नायडू अंडर-23 क्रिकेट ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश टीम के लिए दूसरा सत्र निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। पहले चरण में अपेक्षानुरूप प्रदर्शन न कर पाने के बाद अब टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ तैयारियों को तेज कर दिया है। टूर्नामेंट के दूसरे सत्र की शुरुआत 23 जनवरी से होनी है।
इसी क्रम में रविवार को यूपी टीम ने ग्रीनपार्क स्टेडियम और कमला क्लब में ट्रायल मुकाबले खेलकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दिया। अभ्यास मैचों में खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, जिससे टीम प्रबंधन को सकारात्मक संकेत मिले हैं।
बल्लेबाजों ने दिखाई मजबूती
ट्रायल मैचों में आदर्श सिंह, स्वास्तिक चिकारा, रितुराज शर्मा, समीर रिजवी, मोहम्मद आमान और शिवांशु यादव ने बल्लेबाजी में दमदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इन बल्लेबाजों ने तकनीक और धैर्य का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए रन बनाए, जो आने वाले मुकाबलों के लिए टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देता है।
गेंदबाजों ने भी कसा शिकंजा
गेंदबाजी विभाग में अब्दुल रहमान, विजय कुमार, शुभम मिश्रा, कार्तिक यादव और रितुराज समेत अन्य गेंदबाजों ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को कई बार मुश्किल में डाला। तेज और स्पिन दोनों आक्रमणों ने यह संकेत दिया कि यूपी की गेंदबाजी भी निर्णायक मैचों में मैच जिताऊ साबित हो सकती है।
अंतिम तीन मैचों पर टिकी निगाहें
टीम का पूरा फोकस अब बचे हुए तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का करने पर है। कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ी जानते हैं कि यहां से हर मैच ‘करो या मरो’ जैसा होगा। ऐसे में रणनीति, फिटनेस और मानसिक मजबूती—तीनों पर बराबर जोर दिया जा रहा है। अगर अभ्यास का जोश और प्रदर्शन का यह ग्राफ मैचों में भी बरकरार रहता है, तो उत्तर प्रदेश अंडर-23 टीम का क्वार्टर फाइनल का सपना हकीकत में बदल सकता है।






