मां गंगा की मेड़ उठान से ‘जलज सफारी’ तक, रामनगरिया मेले की अनूठी झलक
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संवाद 24 संवाददाता। फर्रुखाबाद जनपद के अमृतपुर क्षेत्र स्थित पांचाल घाट पर आयोजित श्री रामनगरिया मेला पूरी श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में जारी है। गंगा तट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर स्नान, पूजा-अर्चना, कथा और हवन जैसे धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। सुबह के समय घने कोहरे के बावजूद दोपहर में धूप निकलने से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है, जिसके चलते शाम के समय भी घाटों पर विशेष भीड़ उमड़ रही है।
गंगा स्नान के उपरांत श्रद्धालु सत्यनारायण भगवान की कथा, हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। भंडारों में पूड़ी-सब्जी के साथ दही और जलेबी प्रसाद के रूप में वितरित की जा रही है। धार्मिक परंपराओं के अंतर्गत मां गंगा को ‘मेड़ उठान’ और ‘पहनावन’ की रस्म भी निभाई जा रही है। मान्यता है कि मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु चीनी से मेड़ उठाते हैं। वहीं कई भक्त मां गंगा को साड़ियां अर्पित करते हैं, जिन्हें दर्जनों की संख्या में जोड़कर नाव के माध्यम से एक तट से दूसरे तट तक ले जाया जाता है।
धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ मेला क्षेत्र में खरीदारी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मेले में खिलौने, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, घड़ियां, मोबाइल कवर और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ देखी जा रही है।
गंगा में नौका विहार भी मेले की विशेष पहचान बना हुआ है। रंग-बिरंगी और आकर्षक ढंग से सजी नावें श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। नाविक प्रति व्यक्ति 30 से 50 रुपये लेकर श्रद्धालुओं को एक तट से दूसरे तट तक ले जा रहे हैं। कुछ नावों को ‘जलज सफारी’ के रूप में विशेष रूप से सजाया गया है, जो खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
हजारों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। मेला क्षेत्र और गंगा घाटों पर पुलिसकर्मियों की लगातार गश्त जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि स्थानीय खुफिया इकाई और पुलिस बल के जवान सादे कपड़ों में भी तैनात किए गए हैं।
रामनगरिया मेला आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रहा है।






