गणतंत्र दिवस पर ईयू की ताकतवर मौजूदगी: भारत आएंगी उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा, FTA पर बन सकती है सहमति
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संवाद 24 नई दिल्ली। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार यूरोपीय संघ की शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी वैश्विक कूटनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के आमंत्रण पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष Antonio Costa 25 से 27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे और गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुक्त व्यापार समझौते पर बड़ा संकेत
सरकारी सूत्रों के अनुसार, 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति बनने या उस पर हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है। ऐसे समय में जब अमेरिका की टैरिफ और व्यापार नीतियों के चलते वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है, यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ दोनों के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है EU
European Union भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत–ईयू द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। प्रस्तावित FTA से व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
शिखर सम्मेलन का व्यापक एजेंडा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता 27 जनवरी को होने वाले शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा और रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा व हरित परिवर्तन, तकनीक, नवाचार और जन-से-जन सहयोग जैसे विषय शीर्ष एजेंडे में रहेंगे। यूरोपीय संघ ने बयान में कहा है कि शिखर सम्मेलन का उद्देश्य भारत–ईयू रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
वैश्विक व्यवस्था पर साझा रुख
एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि भारत यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों मिलकर नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा की साझा जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने इस यात्रा को द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाई देने का अवसर बताया।
रणनीतिक साझेदारी का लंबा इतिहास
भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं। 15वां भारत–ईयू शिखर सम्मेलन जुलाई 2020 में वर्चुअल माध्यम से हुआ था। हाल के वर्षों में रक्षा, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग तेजी से बढ़ा है। प्रस्तावित नई रणनीतिक कार्ययोजना में सुरक्षा, संपर्क, समृद्धि, स्थिरता और नवाचार जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया गया है।
कूटनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस पर ईयू नेतृत्व की मौजूदगी और संभावित मुक्त व्यापार समझौता भारत–यूरोप संबंधों को नए वैश्विक संदर्भ में निर्णायक मोड़ दे सकता है।






