जमीन के नाम पर 55 लाख की धोखाधड़ी, पीड़ित ने सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार
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संवाद 24 गोरखपुर। जमीन खरीद-फरोख्त के विवादित सौदे में लगभग ₹55.41 लाख की ठगी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित सुंदरावती देवी ने आरोप लगाया कि जमीन खरीदने के नाम पर जालसाज़ों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पूरी रकम ले ली, लेकिन बैनामा यानी वैध रजिस्ट्री कराए बगैर फरार हो गए।
सुंदरावती देवी, जो सूर्यविहार कॉलोनी तिवारीपुर की निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने चिलुआताल के पोखरभिण्डा उर्फ करीम नगर निवासी निर्मला देवी से जमीन खरीदने के लिए सौदा तय किया। कुल ₹55.41 लाख में से पहले ₹27.80 लाख अग्रिम के रूप में दिए गए और फिर 28 नवंबर 2025 को शेष ₹27.61 लाख चेक के माध्यम से दिए गए।
कागज़ी प्रक्रिया के दौरान विक्रय विलेख (मतलब बिक्री दस्तावेज़) तैयार कर दिए गए, लेकिन आरोपियों ने इसे रजिस्ट्रार के समक्ष पेश नहीं किया और दस्तावेज तैयार कराने के बाद ही पुलिस को बताया गया, उसके बाद वे फरार हो गए। ख़बर के अनुसार इस दौरान कूटरचित (फर्जी/छलपूर्वक तैयार) दस्तावेज़ों का उपयोग किया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई, यह भी बताया कि स्थानीय थाने में सुनवाई नहीं होने पर उन्हें शीर्ष अधिकारियों तक न्याय की गुहार लगानी पड़ी।
गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े ऐसे धोखाधड़ी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। कूटरचित दस्तावेज़ों के ज़रिये संपत्ति पर अवैध कब्जा और भारी रकम हड़पने की घटनाएँ पिछले वर्षों में भी दर्ज हुई हैं, जिससे पता चलता है कि भू-व्यवहार में धोखाधड़ी रोकने के लिये रजिस्ट्री और दस्तावेज़ीकरण प्रक्रियाओं को और अधिक सख्त करना आवश्यक है।






