Budget 2026: रविवार को पेश होगा आम बजट, लोकसभा में बनेगा नया रिकॉर्ड 6 साल में बचाए गए 1000 करोड़

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संवाद 24 नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। 28 जनवरी से शुरू हो रहे सत्र में 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा, जो कि रविवार का दिन है। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने स्पष्ट किया कि रविवार होने के बावजूद उस दिन कोई अवकाश नहीं रहेगा और बजट अपने निर्धारित समय पर ही प्रस्तुत किया जाएगा।

सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति Droupadi Murmu के संसद की संयुक्त बैठक में अभिभाषण से होगी। 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। 30 जनवरी को महात्मा गांधी के शहीदी दिवस और 31 जनवरी को शनिवार होने के कारण संसद की कार्यवाही नहीं होगी। इसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी।

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि बीते छह वर्षों, यानी 2019 से 2025 के बीच निचले सदन ने लगभग 1000 करोड़ रुपये की बचत की है। यह बचत उन मदों में की गई, जहां खर्च की वास्तविक आवश्यकता नहीं थी। अनावश्यक सजावट, औपचारिक आयोजनों में दिखावटी व्यवस्थाओं और गैर-ज़रूरी खर्चों में कटौती की गई। उन्होंने कहा कि सांसदों की आवश्यक सुविधाओं और सेवाओं में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है।

इस बजट सत्र में लोकसभा एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। पहली बार ऐसा होगा जब सदन के सदस्य 22 संवैधानिक भाषाओं में अपनी बात रख सकेंगे। इसके साथ ही कार्यवाही का समानांतर अनुवाद भी इन सभी भाषाओं में किया जाएगा। स्पीकर ने बताया कि एआई तकनीक की मदद से संसद के परिपत्र और दस्तावेज़ भी 22 भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सांसदों को अब उनके लिखित प्रश्नों के उत्तर पहले की तुलना में जल्दी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रयास यह है कि उत्तर एक दिन पहले ही सांसदों को मिल जाएं, ताकि वे प्रश्नकाल के दौरान बेहतर तैयारी के साथ पूरक प्रश्न पूछ सकें।

डिजिटल संसद की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर बोलते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में संसद की कार्यवाही का लिखित रिकॉर्ड कम समय में उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही देश की सभी विधानसभाओं को शत-प्रतिशत डिजिटल करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

बजट सत्र के दौरान संसद की मर्यादा से जुड़े मुद्दों पर भी सख़्ती के संकेत दिए गए हैं। सदन में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई नियम और प्रक्रिया के तहत की जाएगी, जिसमें निलंबन या सदस्यता समाप्त करने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।

Samvad 24 Office
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