उठो, जागो’ के संदेश के साथ समवेत की बैठक, डीएम-एडीएम ने युवाओं को दिखाई विकास की राह
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संवाद 24 संवाददाता। राष्ट्रीय युवा दिवस की पूर्व संध्या पर जनपद में युवाशक्ति को जाग्रत करने वाला एक प्रेरक और सार्थक आयोजन देखने को मिला। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती की पूर्व संध्या पर ‘समवेत’ संस्था द्वारा ऑफिसर्स क्लब में आयोजित विशेष बैठक में प्रशासन और समाज के बीच संवाद का ऐसा मंच सजा, जिसने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए स्पष्ट दिशा और ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार तथा उपजिलाधिकारी सदर रजनीकांत कुमार उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत भारत के महान संत, विचारक और युवा प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। यह क्षण न केवल औपचारिक शुभारंभ था, बल्कि विवेकानंद जी के विचारों के प्रति सामूहिक श्रद्धा और प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बना।

विवेकानंद के विचार: पुस्तकों से जीवन तक
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार केवल ग्रंथों में सिमटे दर्शन नहीं हैं, बल्कि वे जीवन को दिशा देने वाली कार्यपद्धति हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वास, अनुशासन और सेवा–भाव को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
जिलाधिकारी ने ‘समवेत’ संस्था की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने में सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले का समग्र विकास तब तक संभव नहीं, जब तक उसकी युवा शक्ति प्रशासन और समाज के साथ मिलकर सक्रिय भागीदारी न निभाए। “युवा ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रवाहित हो, तो वह जनपद को विकास के नए शिखर तक ले जा सकती है”।

सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता का आह्वान
अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज समाज के समक्ष कई प्रकार की चुनौतियां हैं, चाहे वे सामाजिक कुरीतियां हों, नशा, बेरोजगारी या नैतिक पतन। ऐसे समय में युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने ‘समवेत’ संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि युवा अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित करें और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें, तो जनहित से जुड़े अनेक कार्यों को गति मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से आता है।
“उठो, जागो” का संदेश और सरकारी योजनाओं में युवाओं की भूमिका
उपजिलाधिकारी सदर रजनीकांत कुमार ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध मंत्र “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह मंत्र केवल व्यक्तिगत सफलता का नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संदेश देता है। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार युवाओं की भागीदारी से सरकारी योजनाओं को पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवा स्वयं जागरूक होंगे, तो वे समाज के अन्य वर्गों को भी जागरूक कर सकेंगे, जिससे विकास की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनेगी।
आगामी कार्यक्रमों की रणनीति और सामूहिक संकल्प
बैठक के दौरान विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक समरसता और युवा जागरूकता जैसे विषयों पर केंद्रित गतिविधियों को लेकर विचार–विमर्श किया गया। जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी ने विशेष रूप से संस्था के सदस्यों को यह संदेश दिया कि वे अपने जनपद को गौरवान्वित करने वाले कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बेहतर कार्य संस्कृति, समयबद्धता और पारदर्शिता को अपनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यही मूल्य किसी भी संगठन को दीर्घकालिक सफलता दिलाते हैं।
‘समवेत’ का मंच और युवाओं की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर ‘समवेत’ संस्था के संस्थापक भूपेन्द्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में अवनींद्र सिंह, शरद चंदेल, विमल राठौर, गूंजा जैन, अमित सक्सेना, वैभव सोमवंशी, वैभव सिंह राठौर, रश्मि सिंह, जसवीर कौर, निहारिका पटेल, शांतनु कटियार, विशाल श्रीवास्तव, शिवम मिश्रा, अभिनय दीक्षित, स्मृति अग्निहोत्री, आस्तिकी मिश्रा, अरविंद दीक्षित, सत्यनारायण, अजय चौहान, अंजली चौहान, दुर्गा नारायण सिंह, गौरव तिवारी, आकिब खान सहित अनेक युवा सक्रिय रूप से शामिल रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने प्रशासनिक अधिकारियों के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और अपने–अपने स्तर पर समाज सेवा तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

आभार और प्रेरणा के साथ समापन
बैठक के अंत में संस्था के पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं रहा, बल्कि प्रशासन और युवाओं के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। स्वामी विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के लिए एक स्पष्ट संदेश छोड़ गया, राष्ट्र निर्माण का मार्ग आत्मविश्वास, सेवा और सतत प्रयास से होकर गुजरता है। फर्रुखाबाद की इस बैठक ने यह सिद्ध किया कि जब प्रशासनिक नेतृत्व और युवा शक्ति एक मंच पर आते हैं, तो समाज के भविष्य के लिए नई उम्मीदें जन्म लेती हैं।






