श्री राम नगरिया से संतों की हुंकार, हिंदुओं की सुरक्षा पर केंद्र से तुरंत कार्रवाई की मांग
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संवाद 24 संवाददाता। पांचाल घाट पर आयोजित माघ मेला श्री राम नगरिया के दांडी क्षेत्र में अग्नि अखाड़ा के महंत उमेश चंद्र बाजपेयी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कठोर कदम उठाने की मांग की और हिंदुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
महंत उमेश चंद्र बाजपेयी ने कहा कि संत समाज दूरगामी परिणामों को समझने की क्षमता रखता है और इतिहास इसके प्रमाण देता हैं। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कभी बड़ी संख्या में मौजूद हिंदू आबादी आज बेहद सीमित रह गई है। इसी तरह बांग्लादेश को लेकर भी उन्होंने आशंका जताई और वहां हिंदू समाज पर बढ़ते खतरे की ओर इशारा किया।
महंत ने आरोप लगाया कि इस गंभीर मुद्दे पर केंद्र सरकार की भूमिका अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिख रही है। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके दूरगामी और चिंताजनक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाएं केवल वहां तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है।
महंत बाजपेयी ने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि एक छोटा देश होने के बावजूद वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सख्त और त्वरित फैसले लेता है। इसी तर्ज पर भारत सरकार को भी हिंदुओं की सुरक्षा के लिए स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि हिंदुओं की रक्षा के लिए चुनी गई सरकार भी इस दिशा में सक्रिय नहीं होगी, तो फिर उनसे उम्मीद किससे की जाए। महंत ने चिंता जताई कि चारों ओर से हिंदू समाज पर संकट के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
माघ मेला श्री राम नगरिया में संत के इस बयान के बाद श्रद्धालुओं और संत समाज के बीच इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।






