एक्सप्रेसवे पर कहर टायर फटते ही पलटी बस, महिला और मासूम की मौत, 12 यात्री घायल
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संवाद 24 संवाददाता। आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार रात एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया। दिल्ली से दरभंगा (बिहार) जा रही एक निजी बस मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र में अचानक टायर फटने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक महिला और तीन वर्षीय बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
पल भर में बदला सफर का मंजर
करीब 55 यात्रियों को लेकर चल रही बस जब एक्सप्रेसवे के 82.700 किलोमीटर के पास पहुंची, तभी उसका अगला टायर तेज धमाके के साथ फट गया। तेज रफ्तार में बस चालक संभल नहीं पाया और वाहन सड़क पर पलट गया। रात के सन्नाटे में अचानक चीख-पुकार मच गई। कई यात्री बस के भीतर फंस गए, जबकि कुछ सड़क पर गिर पड़े।
स्थानीय लोगों और पुलिस ने संभाली स्थिति
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव में जुट गए। सूचना मिलते ही थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। घायलों को तुरंत बाहर निकालकर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज सैफई भेजा गया, जहां सभी का इलाज चल रहा है।
दो जिंदगियां बुझीं
इस भीषण दुर्घटना में 35 वर्षीय रंजना देवी, निवासी गांव मिशी, थाना कुसेसर, जिला दरभंगा (बिहार) और तीन वर्षीय मोहम्मद खालिद, निवासी नीरपुर भडरिया, थाना सिंगिंया, जिला समस्तीपुर (बिहार) की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
घायलों की सूची और इलाज
घायलों में दीपक शर्मा (27), विभा कुमारी (25), रिहान (13), भीखन सदा (40), मंजू (30), गुलहसन (49), मुकेश मंडल, गुलाब देवी (40), रमन पासवान (30), अनीषा खातून और नव्या कुमारी (12) सहित अन्य शामिल हैं। सभी बिहार के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और बेहतर उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की तकनीकी जांच और टायरों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार के बीच छोटी-सी तकनीकी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित वाहन जांच, समय-समय पर टायर बदलना और ओवरलोडिंग पर सख्ती ऐसे हादसों को काफी हद तक रोक सकती है।






