अंकिता भंडारी हत्याकांड: 18 दिनों की सियासी हलचल के बाद CBI जांच की सिफारिश, जानिए 22 दिसंबर से 9 जनवरी तक क्या-क्या हुआ

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संवाद 24 देहरादून। उत्तराखंड में सितंबर 2022 के बाद एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड ने सर्द मौसम में सियासी तापमान बढ़ा दिया है। कथित ‘वीआईपी गेस्ट’ के सवाल पर उपजे जनाक्रोश और राज्यव्यापी प्रदर्शनों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने 9 जनवरी को यह ऐलान करते हुए कहा कि निर्णय जनभावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।

वायरल ऑडियो से फिर भड़का मामला
अभिनेत्री उर्मिला सनावर के दावों और सोशल मीडिया पर सामने आए ऑडियो क्लिप्स के बाद केस ने नया मोड़ लिया। आरोप है कि वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रहीं Ankita Bhandari पर एक कथित वीआईपी गेस्ट को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बनाया गया था। इनकार के बाद उनकी हत्या कर दी गई—यह सवाल अब तक अनुत्तरित रहा कि वह वीआईपी कौन था।

जनदबाव और राजनीतिक घमासान
22 दिसंबर से शुरू हुई हलचल ने विपक्ष को सरकार पर हमलावर कर दिया। प्रदर्शन तेज हुए, जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठे और वीआईपी एंगल को लेकर पारदर्शिता की मांग बढ़ती गई। हालात देखते हुए मुख्यमंत्री स्वयं पीड़िता के परिजनों से मिले। इसके बाद CBI जांच की सिफारिश का निर्णय सामने आया।

टाइमलाइन: 22 दिसंबर से 9 जनवरी तक घटनाक्रम
22 दिसंबर 2025: उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर वीडियो/ऑडियो साझा कर दावा किया कि उन्हें कथित वीआईपी की जानकारी है और उनके पास सबूत हैं।

23 दिसंबर 2025: पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने ऑडियो को एआई-जनरेटेड बताते हुए आरोपों से दूरी बनाई।

24–26 दिसंबर 2025: उर्मिला के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून में केस दर्ज; ऑडियो-वीडियो को फर्जी बताया गया।

5 जनवरी 2026: उर्मिला ने एसआईटी को सहयोग के लिए उत्तराखंड आने की घोषणा की।

6 जनवरी 2026: उर्मिला देहरादून पहुंचीं।

7 जनवरी 2026: देहरादून पुलिस के सामने बयान दर्ज; एसएसपी से सुरक्षा की मांग।

8 जनवरी 2026: हरिद्वार में एसआईटी की पूछताछ जारी; नए ऑडियो सामने आए। इस बीच दबाव बनाकर नाम दिलवाने के आरोप भी उभरे।

9 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री धामी ने CBI जांच की सिफारिश की घोषणा की।

सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े हर पहलू, चाहे वह हत्या हो या सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो क्लिप्स की अलग-अलग एफआईआर के तहत गंभीर जांच जारी रहेगी। सरकार का दावा है कि जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

Samvad 24 Office
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