देर रात बड़ा हादसा टला, कबाड़ में लगी आग से एलपीजी सिलेंडर फटा धमाके से दहशत, दो परिवार फंसे; फायर ब्रिगेड ने ढाई घंटे में पाया काबू
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संवाद 24 संवाददाता। आगरा में दीवानी क्षेत्र के पास स्थित रघुबीर कुंज अपार्टमेंट में देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अपार्टमेंट की पार्किंग में बने एक हाल में रखे कबाड़ में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से वहां रखा एक एलपीजी सिलेंडर फट गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना देर रात करीब एक बजे की है। पार्किंग में बने हाल से अचानक आग की लपटें उठने लगीं और कुछ ही देर में धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके से अपार्टमेंट में रह रहे लोग नींद से जाग गए और जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। नीचे का नजारा देख लोगों की धड़कनें बढ़ गईं। आग तेजी से फैल रही थी और हाल के बाहर खड़ी एक कार तक पहुंच चुकी थी। आशंका थी कि अगर आग फ्यूल टैंक तक पहुंच गई, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
फंसे रहे दो परिवार
आग लगने के दौरान अपार्टमेंट के पहले फ्लोर पर रोहित गुप्ता और दूसरे फ्लोर पर अमित अग्रवाल का परिवार फंस गया था। धुएं और आग के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इसी बीच अपार्टमेंट में रहने वाले होजरी कारोबारी भाई पंकज अग्रवाल और प्रशांत अग्रवाल ने साहस दिखाते हुए आग की चपेट में आ चुकी कार को बाहर निकाला, जिससे बड़ा खतरा टल गया।
शार्ट सर्किट से लगी आग, सिलेंडर में हुआ विस्फोट
अपार्टमेंट निवासी राकेश गुप्ता ने बताया कि पार्किंग के हाल में कबाड़ का सामान रखा जाता था। सेकेंड फ्लोर पर रहने वाले ब्रज बवानिया का परिवार बाहर जा रहा था, इसलिए उन्होंने चार एलपीजी सिलेंडर वहां रखवा दिए थे। इनमें से एक सिलेंडर में थोड़ी गैस बची हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि शार्ट सर्किट के कारण आग लगी और गैस होने के चलते सिलेंडर में विस्फोट हो गया।
ढाई घंटे में आग पर काबू
सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। एफएसओ सोमदत्त सोनकर ने बताया कि आग पर काबू पाने में टीम को दो घंटे से अधिक समय लगा। समय रहते आग बुझा लेने से अपार्टमेंट और आसपास की कॉलोनी में रहने वाले लोगों की जान बच गई।
बड़ा नुकसान टला
अपार्टमेंट में कुल 12 फ्लैट हैं, जिनमें से 11 में परिवार रहते हैं। घटना के समय सभी लोग सो रहे थे। गार्ड कॉलोनी का गेट बंद कर वहीं बैठा था। धमाके के बाद अपार्टमेंट और कॉलोनी के सभी लोग बाहर आ गए। कॉलोनी में करीब 20 मकान और अपार्टमेंट हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड देर से पहुंचती या कार समय रहते न हटाई जाती, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।






