सांपों से सुरक्षा में विज्ञान की बड़ी जीत: मुज़फ़्फ़रपुर से आया “स्नेक डिटेक्टर बैरियर”
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संवाद 24 डेस्क। भारत, विशेषकर उसके ग्रामीण इलाकों में सांपों के खतरे ने सदियों से लोगों की ज़िंदगी को चुनौती दी है। हर वर्ष हजारों लोग सर्पदंश की वजह से अपना जीवन खो देते हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सांप दिखाई देने पर घर और गोदामों से निकलने की ख़बरें आम हैं। अब इस समस्या को जड़ से हटाने की दिशा में एक वैज्ञानिक उपलब्धि सामने आई है “स्नेक डिटेक्टर बैरियर”। यह इकाई एक किफायती, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल समाधान के रूप में सामने आया है, जिससे घरों, गोदामों, कृषि क्षेत्रों और संगठित बस्ती इलाकों को सांपों से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
भारतीय संदर्भ: सर्पदंश एक वास्तविक सामाजिक खतरा
भारत में लगभग 300 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं, जिनमें से लगभग 30% ही विषैले हैं। हालांकि कुल सांप दंश की घटनाओं में बहुत कम प्रजातियां ही सचमुच घातक होती हैं, फिर भी हर साल सर्पदंश के कारण करीब 60,000 लोग अपनी जान गंवाते हैं, जो विश्व स्तर पर सांप दंश से होने वाली कुल मौतों का एक बड़ा हिस्सा हैं। ग्रामीण इलाकों में यह संख्या और भी ज़्यादा गंभीर रूप ले लेती है, क्योंकि स्वास्थ्य सुविधाएँ दूर-दराज़ स्थित होती हैं और सर्पदंश के इलाज में देरी अक्सर जानलेवा साबित होती है। इसके अलावा, भय के कारण लोग ज़हरीले न होने के बावजूद कई सांपों को मार डालते हैं, जिससे जैविक संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसी चेतावनी को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने एक साधारण, लागत-प्रभावी और उपयोगकर्ता-अनुकूल समाधान विकसित किया है, जो ज़मीन पर सांपों की आवाजाही को रोकने और संभावित ख़तरे के संकेत देने में सक्षम है।
“स्नेक डिटेक्टर बैरियर” क्या है यह और कैसे काम करता है?
प्रस्तुति और तकनीकी संरचना
“स्नेक डिटेक्टर बैरियर” एक ऐसा यंत्र है जिसे बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर मनेंद्र कुमार और डॉ. ब्रज किशोर प्रसाद सिंह ने मिलकर विकसित किया है। इसके डिज़ाइन को यूके इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़ ऑफिस से अंतरराष्ट्रीय मान्यता व पेटेंट भी प्राप्त हुआ है, जिससे इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता भी मिल चुकी है।
यह डिवाइस मूल रूप से जंग-प्रतिरोधी माइल्ड स्टील से बने “डुअल लेयर रिपेलेंट स्टेशन” पर आधारित है। प्रत्येक स्टेशन को एक सेल्फ-केयर-यूनिट की तरह डिज़ाइन किया गया है। इसके ऊपरी चेंबर में गंगाजल, रेत या कंकड़ के साथ कार्बोलिक एसिड, लौंग का तेल, और सिट्रोनेला ऑयल जैसे प्राकृतिक तत्व भरे जाते हैं। इन तत्वों के रासायनिक इंटरैक्शन से एक तीखी गंध उत्पन्न होती है।
प्राकृतिक रसायन और सांपों से बचाव
इन प्राकृतिक संघटकों से निकली गंध स्टेशन में बनाए गए छेदों के ज़रिए नियंत्रित रूप से आसपास फैलती है, जिससे निर्धारित क्षेत्र के भीतर सांप प्रवेश नहीं कर पाते। गंध के ख़त्म होने पर यंत्र में एलईडी संकेत और वायरलेस सिग्नल मौजूद होते हैं जो उपयोगकर्ता को समय रहते आगाह करते हैं। ठंडे मौसम में गंध को बेहतर तरीके से फैलाने के लिए डिवाइस में सौर ऊर्जा से संचालित हीट प्लेट (Solar Heat Plate) का विकल्प भी जोड़ा गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि हर मौसम में यह अपनी सुरक्षा भूमिका प्रभावी और स्थिर रूप से निभा सके।
लागत, रख-रखाव और प्रयोज्यता
इस यंत्र की अनुमानित लागत लगभग ₹1,500 के करीब है जो एक घरेलू या कृषि-आधारित समाधान के तौर पर बेहद किफायती है। यंत्र के अंदर भरे गये मिश्रण को लगभग 15 से 30 दिनों तक कार्यशील माना जाता है, और इसके बाद इसे रीफिल करना होता है, जिसका खर्च मात्र ₹40-₹50 के बीच आता है। इसके अलावा स्टेशन को कंक्रीट पर बोल्ट के ज़रिये या स्टैंड-माउंटेड फ्रेम से ज़मीन में मजबूती से स्थापित किया जा सकता है। इसके सरल इंस्टालेशन और पर्यावरण-अनुकूल रसायनों के आधार पर यह यंत्र ग्रामीण इलाकों, खेतों, गोदामों और घरेलू सीमा क्षेत्रों में सुगमता से इस्तेमाल किया जा सकता है।
वायरलेस अलर्ट सिस्टम, आधुनिक सुरक्षा का संयोजन
हाल के समय में टेक्नोलॉजी ने सुरक्षा-संबंधी समाधानों में क्रांतिकारी उन्नति की है। इसी तकनीकी इनोवेशन का लाभ उठाते हुए इस डिटेक्टर बैरियर में वायरलेस सिग्नल अलर्ट सिस्टम का एक सुव्यवस्थित संयोजन है। यह जब भी यंत्र में प्रयुक्त रसायनों की गंध उत्पादन क्षमता कम होने लगती है, तो यह बिना किसी रुकावट के वायरलेस सिग्नल और एल ई डी संकेतों के माध्यम से उपयोगकर्ता को सतर्क कर देता है। इसका अर्थ है कि अब उपयोगकर्ताओं को हर समय यंत्र की स्थिति पर निगरानी रखने की आवश्यकता नहीं है; अलर्ट सिस्टम समय-समय पर उन्हें आवश्यकता के अनुसार सूचित करता रहेगा।
पर्यावरणीय तथा सांप संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्व
आज के समय में जब वन्यजीव संरक्षण पर वैश्विक स्तर पर ज़ोर दिया जा रहा है, ऐसे में “स्नेक डिटेक्टर बैरियर” सिर्फ़ लोगों को सांपों से सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है। इस डिवाइस के संचालन में उपयोग किए गए तत्व न तो सांपों को नुकसान पहुँचाते हैं और न ही पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। यह उन्हें डराकर दूर रखता है, जिससे न केवल मनुष्यों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि सांपों को भी मारने की जरूरत नहीं पड़ती।
भारत में सांपों की 300 से ज़्यादा प्रजातियाँ हैं, जिनमें से 70% दुर्भाग्यवश कई बार अनावश्यक रूप से मारे जाते हैं, केवल भय के कारण। इससे जैविक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका ज़ोरों से बनी रहती है, क्योंकि सांप एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय नियंत्रण प्रणाली का हिस्सा हैं और छोटे जीवों तथा कशेरुओं की आबादी को नियंत्रित रखते हैं। इसलिए इसंफ़ॉर्मल समाधान न केवल लोगों को सुरक्षित रखेगा बल्कि सांपों का संरक्षण भी सुनिश्चित करेगा – एक ऐसा उद्देश्य जो पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में आवश्यक है।
सामाजिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएँ
“स्नेक डिटेक्टर बैरियर” न केवल एक तकनीकी उपकरण है, बल्कि यह समाज की जागरूकता, ग्रामीण सुरक्षा संवर्द्धन और जीवन-सुरक्षा मानकों को भी उन्नत करेगा। ग्रामीण जनता के लिए यह समाधान एक कम खर्चीला, आसान उपयोग वाला, और प्रभावी सुरक्षा उपाय साबित हो सकता है। जब घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर इसका व्यापक उपयोग बढ़ेगा, तो सांपों से होने वाली दुर्घटनाओं में निश्चित ही कमी आएगी। साथ ही, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर सर्पदंश से जुड़ी इलाज-सम्बंधित दबाव भी कम होंगे। स्थानीय समुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों, राहत शिविरों, और सुरक्षा-प्रशिक्षण के साथ इस तकनीक का संयोजन स्थिर सामाजिक सुरक्षा ढाँचे को और मज़बूत बनाएगा।
विज्ञान, सुरक्षा और मानवीय कल्याण का त्रिकोण
अंततः हम कह सकते हैं कि “स्नेक डिटेक्टर बैरियर” भारत जैसे विविध जैविक परिदृश्य वाले देश के लिए एक सशक्त तकनीकी समाधान है। यह न केवल लोगों को सांपों के साथ होने वाले जोखिमों से सुरक्षित रखने में सक्षम होता है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा, सांप संरक्षण, और ग्रामीण सुरक्षा जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। एक ऐसे समय में जब देश में नवाचारों को बढ़ावा देने पर ज़ोर है, यह उपकरण विज्ञान, सुरक्षा और मानवीय कल्याण को जोड़ता है एक प्रेरणादायक उदाहरण कि किस प्रकार स्थानीय समस्याओं के लिए स्थानीय समाधान तैयार किए जा सकते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी दी जा सकती है।
“स्नेक डिटेक्टर बैरियर” सिर्फ एक यंत्र नहीं; यह एक परिवर्तनकारी माध्यम है, जो भारतीय घरों, खेतों और सामाजिक संरचनाओं को सुरक्षित, समर्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में अग्रसर करेगा।






